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२०२६ क्रिकेट पिच: ५ जरूरी माप

क्रिकेट पिच की मानक लंबाई २२ गज यानी २०.१२ मीटर और चौड़ाई १० फीट यानी ३.०५ मीटर होती है। यह माप अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के नियमों के अनुसार....

16 अक्टूबर 2026 5 min read
२०२६ क्रिकेट पिच: ५ जरूरी माप

२०२६ क्रिकेट पिच: ५ जरूरी माप

क्रिकेट पिच की मानक लंबाई २२ गज यानी २०.१२ मीटर और चौड़ाई १० फीट यानी ३.०५ मीटर होती है। यह माप अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के नियमों के अनुसार पुरुषों, महिलाओं और अधिकांश घरेलू मुकाबलों में लागू रहता है। पिच मैदान से अलग वह आयताकार हिस्सा है, जिस पर गेंदबाज, बल्लेबाज और विकेटकीपर का पूरा खेल निर्भर करता है। दोनों सिरों पर विकेटों के बीच की दूरी २२ गज रहती है, जबकि गेंदबाजी क्रीज ८ फीट ८ इंच लंबी होती है। मैदान का व्यास तय नहीं होता, लेकिन पुरुष क्रिकेट में यह अक्सर १३७ से १५० मीटर के बीच रहता है। सही माप के लिए पहले २२ गज की धुरी तय करें, फिर १० फीट चौड़ाई और तीनों क्रीज की रेखाएं नापें।

भारत के हरे क्रिकेट मैदान के बीच २२ गज की स्पष्ट भूरी पिच और सफेद क्रीज रेखाएं

क्रिकेट पिच की लंबाई चौड़ाई समझना केवल परीक्षा का सामान्य ज्ञान नहीं है। गलत नापी गई पिच पर गेंद की उछाल, रनिंग दूरी और अंपायर के फैसलों तक पर असर पड़ सकता है। गेंदबाजी विश्लेषण जैसी क्रिकेट-केंद्रित साइटों पर मैच समीक्षा और खिलाड़ी आंकड़े पढ़ते समय यह आधारभूत जानकारी आपको टीवी ग्राफिक्स और रणनीतिक चर्चा समझने में मदद करती है। अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि मैदान और पिच को एक ही चीज मानना वही पुरानी गलती है, जिसमें लोग चौके की दूरी भी अंदाजे से बताते हैं। कृपया पहले यह साफ रखें: पिच का माप निश्चित है, मैदान की सीमा नहीं।

क्या २२ गज ही क्रिकेट पिच की वास्तविक मानक लंबाई है?

हाँ, विकेटों के बीच मानक क्रिकेट पिच की लंबाई २२ गज यानी ६६ फीट या २०.१२ मीटर है। पिच की मानक चौड़ाई १० फीट यानी ३.०५ मीटर होती है, इसलिए २२ गज केवल लंबाई बताता है, पूरा आकार नहीं।

मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के क्रिकेट नियम में पिच को आयताकार क्षेत्र माना गया है, जिसकी लंबाई २२ गज और चौड़ाई १० फीट निर्धारित है। इसी कारण बल्लेबाज का एक छोर से दूसरे छोर तक दौड़ना लगभग २०.१२ मीटर का प्रयास होता है, हालांकि बल्ला जमीन में रखने, मुड़ने और क्रीज पार करने से वास्तविक शारीरिक दूरी थोड़ी अलग महसूस होती है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड इसी मानक को टेस्ट, एकदिवसीय और ट्वेंटी-२० क्रिकेट में अपनाते हैं। ध्यान रहे, २२ गज विकेटों के बीच की दूरी है; विकेट के पीछे उपलब्ध रन-अप, साइट स्क्रीन और सीमा तक का क्षेत्र इसमें शामिल नहीं होता। कुछ स्थानीय मैदानों में पिच की सतह २१ से २२ गज जैसी दिख सकती है, लेकिन आधिकारिक मैच के लिए यह सटीकता स्वीकार्य नहीं मानी जाती। सस्ते तरीके से अनुमान लगाना यहां बचत नहीं, सीधा खराब आयोजन है।

सटीक माप जानने के लिए यह छोटा सार उपयोगी रहेगा:

  • पिच की लंबाई: २२ गज, ६६ फीट, २०.१२ मीटर।
  • पिच की चौड़ाई: १० फीट, ३.०५ मीटर।
  • तीनों स्टंपों की कुल चौड़ाई: ९ इंच, लगभग २२.८६ सेंटीमीटर।
  • गेंदबाजी क्रीज: ८ फीट ८ इंच, लगभग २.६४ मीटर।
  • पॉपिंग क्रीज: गेंदबाजी क्रीज से ४ फीट आगे।
  • रिटर्न क्रीज: पिच की लंबाई के समानांतर खींची जाती हैं।

आधिकारिक परिभाषा के संदर्भ के लिए मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब का नियम संग्रह और क्रिकेट मैदान पर विकिपीडिया का विवरण देखे जा सकते हैं। एमसीसी के नियमों में मूल अर्थ यही है: “पिच २२ गज लंबा और १० फीट चौड़ा आयताकार क्षेत्र है।” यही वह संख्या है जिसे क्विज में घुमाकर पूछना पसंद किया जाता है, मानो क्रिकेट ने गणित को छुट्टी दे रखी हो।

पिच की लंबाई चौड़ाई नापने के बाद क्रीज की स्थिति भी जांचें। पहले दोनों विकेटों के केंद्र के बीच २०.१२ मीटर की सीधी रेखा बनाइए, फिर दोनों सिरों पर २.६४ मीटर की गेंदबाजी क्रीज खींचिए। पॉपिंग क्रीज गेंदबाजी क्रीज के सामने १.२२ मीटर दूरी पर होगी, जबकि रिटर्न क्रीज गेंदबाज के रन-अप की दिशा नियंत्रित करती हैं। मैदान तैयार करने वाली टीम को नमी, घास की ऊंचाई और रोलर के बाद सतह की समतलता भी देखनी चाहिए, क्योंकि सही लंबाई पर बनी टेढ़ी पिच फिर भी घटिया पिच ही होगी।

जानकारी को मैदान पर लागू करने के लिए यह मार्गदर्शिका देखें।

और जानकारी पढ़ें

क्रिकेट पिच की क्रीज और विकेटों का माप कैसे काम करता है?

क्रीज का काम बल्लेबाज के सुरक्षित क्षेत्र, गेंदबाज की वैध डिलीवरी और रन-आउट की सीमा तय करना है। गेंदबाजी क्रीज ८ फीट ८ इंच लंबी होती है, पॉपिंग क्रीज उससे ४ फीट आगे रहती है और रिटर्न क्रीज गेंदबाज के दोनों ओर समानांतर खींची जाती हैं।

पिच की रेखाएं केवल सजावट नहीं हैं, हालांकि खराब मैदानों पर वे कभी-कभी ऐसी ही दिखती हैं। पॉपिंग क्रीज का अंदरूनी किनारा बल्लेबाज के सुरक्षित क्षेत्र की निर्णायक सीमा माना जाता है; बल्लेबाज का बल्ला या शरीर उसका हिस्सा जमीन पर रखे तो वह क्रीज में माना जा सकता है। गेंदबाज का अगला पैर गेंदबाजी क्रीज के सामने पॉपिंग क्रीज को पार कर जाए, तो नो-बॉल का प्रश्न उठता है। रिटर्न क्रीज के बाहर पैर पड़ने पर भी गेंदबाज की वैधता प्रभावित होती है। इसीलिए पिच की लंबाई नापने के बाद केवल बीच की रेखा रंग देना अधूरा काम है।

विकेट तीन स्टंपों से बनता है और इसकी कुल चौड़ाई ९ इंच होती है। स्टंपों की ऊंचाई सामान्यतः २८ इंच यानी ७१.१ सेंटीमीटर रहती है, जबकि बेल्स उनके ऊपर रखी जाती हैं। गेंदबाजी छोर और बल्लेबाजी छोर पर यही संरचना दोहराई जाती है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के मैच मानकों में स्टंप, बेल्स, क्रीज और पिच की सतह का तालमेल जरूरी है; एक सेंटीमीटर की गलती हमेशा मैच नहीं बिगाड़ेगी, पर लगातार गलत माप स्थानीय प्रतियोगिता में निष्पक्षता खत्म कर सकता है। क्रिकेट में नो-बॉल और क्रीज नियम

मैदान-प्रबंधक सामान्यतः निम्न क्रम अपनाते हैं:

  1. दोनों विकेटों के केंद्र के बीच २०.१२ मीटर की दूरी नापी जाती है।
  2. पिच की चौड़ाई ३.०५ मीटर पर तय की जाती है।
  3. प्रत्येक छोर पर गेंदबाजी और पॉपिंग क्रीज अंकित होती हैं।
  4. स्टंप लगाने के लिए २२.८६ सेंटीमीटर चौड़ी केंद्रीय रेखा जांची जाती है।
  5. रस्सी, नमी और सतह की समतलता का अंतिम निरीक्षण किया जाता है।

यह क्रम विद्यालयी मैदान से लेकर लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड और नरेंद्र मोदी स्टेडियम तक उपयोगी है। फर्क सिर्फ उपकरण और निरीक्षण की कठोरता का है। पेशेवर मैदान में लेजर मापक, नापने की पट्टी और स्वीकृत लाइनिंग मशीन इस्तेमाल हो सकती है; गली क्रिकेट में चप्पल से दूरी नापना मनोरंजक है, मानक नहीं।

लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड जैसी पिच पर अधिकारी मापने की पट्टी से क्रीज की दूरी जांचते हुए

क्या महिला, जूनियर और छोटे प्रारूपों में पिच का माप बदलता है?

अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में पिच का माप पुरुष क्रिकेट जैसा ही रहता है: लंबाई २२ गज और चौड़ाई १० फीट। बदलाव सामान्यतः मैदान की सीमा, आयु-वर्ग, स्थानीय प्रतियोगिता या कृत्रिम पिच के नियमों में होता है, न कि आधिकारिक विकेट दूरी में।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के अंतर्गत भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका की महिला टीमें समान पिच मानक पर खेलती हैं। महिला क्रिकेट के मैदान का व्यास अक्सर पुरुष मैदान से छोटा हो सकता है; सामान्य संदर्भों में महिला मैदान का व्यास लगभग ११० से १३० मीटर और पुरुष मैदान का १३७ से १५० मीटर बताया जाता है। यह मैदान की सीमा है, पिच की लंबाई नहीं। जूनियर क्रिकेट में आयोजक सुरक्षा और कौशल के अनुसार छोटी पिच, हल्की गेंद या सीमित रन-अप रख सकते हैं, लेकिन उन्हें प्रतियोगिता पुस्तिका में साफ लिखना चाहिए। वरना खिलाड़ी को मैच शुरू होने के बाद नियम बताना वही प्रशासनिक प्रतिभा है जिसमें नुकसान सबका होता है।

इसी अंतर को समझने के लिए यह तुलना देखें:

श्रेणी पिच की सामान्य लंबाई पिच की सामान्य चौड़ाई मुख्य बदलाव
पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट २२ गज १० फीट सीमा और मैदान बड़ा हो सकता है
महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट २२ गज १० फीट मैदान का व्यास अपेक्षाकृत छोटा हो सकता है
जूनियर क्रिकेट आयोजक के नियम अनुसार आयोजक के नियम अनुसार आयु और सुरक्षा के आधार पर बदलाव
ट्वेंटी-२० क्रिकेट २२ गज १० फीट प्रारूप छोटा, पिच मानक वही
कृत्रिम स्थानीय पिच स्थानीय नियम अनुसार स्थानीय नियम अनुसार सामग्री और उपलब्ध क्षेत्र पर निर्भर

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड अपने विकास कार्यक्रमों में आयु-वर्ग के लिए अलग खेल-संरचनाएं जारी कर सकते हैं। इसलिए “हर क्रिकेट पिच २२ गज होती है” कहना अंतरराष्ट्रीय वयस्क क्रिकेट के लिए सही है, मगर हर स्कूल या प्रशिक्षण केंद्र के लिए नहीं। प्रतियोगिता शुरू होने से पहले आयोजक से पिच, गेंद और सीमा के नियम मांगना समझदारी है। जूनियर क्रिकेट के मैदान और नियम

छोटे प्रारूप में रणनीति पर असर भी इसी कारण बदलता है। २२ गज की दूरी समान रहने पर भी तेज आउटफील्ड और छोटी सीमा बल्लेबाज को अधिक जोखिम लेने के लिए प्रेरित कर सकती है। दूसरी ओर धीमी सतह पर वही दूरी गेंदबाज को कटर और स्पिन के लिए समय देती है। पिच की चौड़ाई बदलने से बल्लेबाज के शॉट कोण और गेंदबाज की लाइन का मूल्यांकन बदल जाएगा, इसलिए अभ्यास सत्र में केवल विकेट नहीं, क्रीज और किनारों की स्थिति भी देखनी चाहिए।

यहां एक उपयोगी संचालन-नियम है: यदि स्थानीय प्रतियोगिता में पिच २२ गज से छोटी रखी गई है, तो स्कोरर, अंपायर और दोनों कप्तानों को टॉस से पहले लिखित सूचना दें। इससे रनिंग दूरी, नो-बॉल निर्णय और खिलाड़ी सुरक्षा पर विवाद कम होते हैं। आधिकारिक मानक से विचलन छिपाकर मैच चलाना किसी टीम को अनुचित लाभ दे सकता है।

पिच माप की सीमाएं और आम गलतियां कहां सामने आती हैं?

सबसे आम गलती मैदान के व्यास को पिच की लंबाई समझना है; दूसरी गलती २२ गज को लगभग २० मीटर कहकर वहीं रुक जाना है। सटीक मानक २०.१२ मीटर, ६६ फीट और २२ गज तीनों रूपों में एक ही दूरी है, जबकि पिच की चौड़ाई ३.०५ मीटर या १० फीट रहती है।

मैदान की सीमा के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद सामान्यतः न्यूनतम और अधिकतम सीमाओं पर जोर देती है, लेकिन हर स्टेडियम का आकार एक जैसा नहीं होता। लॉर्ड्स, ईडन गार्डन्स और नरेंद्र मोदी स्टेडियम की सीमाएं दृश्य रूप से और वास्तविक दूरी में अलग हो सकती हैं। यही कारण है कि प्रसारण में दिखाया गया “सीमा ६५ मीटर” पिच की चौड़ाई या लंबाई नहीं बताता। पिच के दोनों ओर खाली क्षेत्र, विकेट के पीछे बैकस्टॉप और गेंदबाज का रन-अप भी अलग माप होते हैं। इन सबको मिलाकर मैदान का आकार बताना सुविधाजनक है, मगर तकनीकी रूप से गलत।

गलत नाप के पीछे आमतौर पर ये कारण होते हैं:

  • गज और मीटर को बिना रूपांतरण के एक जैसा मान लेना।
  • विकेट के बाहरी किनारों से दूरी नापना, केंद्रों से नहीं।
  • गेंदबाजी क्रीज को पॉपिंग क्रीज समझ लेना।
  • पिच की चौड़ाई नापते समय घास या किनारे की पट्टी जोड़ देना।
  • जूनियर नियमों को वयस्क अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर लागू कर देना।
  • सीमा रस्सी की दूरी को पिच की लंबाई बताना।

विशेषज्ञ स्तर की एक कम चर्चित बात यह है कि पिच की सतह की कठोरता और नमी बॉल-बिहेवियर बदल सकती है, भले ही माप बिल्कुल सही हों। सूखी, घिसी हुई सतह स्पिनरों को मदद दे सकती है, जबकि ताजी घास वाली पिच सीम और स्विंग को बढ़ा सकती है। इसलिए मैच समीक्षा में केवल “पिच २२ गज थी” कहना विश्लेषण का आधा हिस्सा है। गेंद का प्रकार, रोलिंग, मौसम और घास की ऊंचाई भी दर्ज करनी चाहिए। पिच रिपोर्ट और गेंदबाजी रणनीति

एक और व्यावहारिक समस्या कृत्रिम पिचों में आती है। विद्यालयों और क्लबों में नारियल-रेशे, सिंथेटिक मैट या कंक्रीट आधारित सतह उपयोग हो सकती है, जिसकी लंबाई मानक के करीब होने पर भी उछाल प्राकृतिक टर्फ जैसी नहीं होती। ऐसे स्थानों पर आयोजक को पिच सामग्री, लंबाई, चौड़ाई और सीमा पहले घोषित करनी चाहिए। पारदर्शिता सस्ती है; विवादों की कीमत आम तौर पर उससे काफी ज्यादा निकलती है।

विद्यालयी क्रिकेट मैदान में कृत्रिम मैटिंग पिच, कोन, मापने की पट्टी और अभ्यास करते युवा खिलाड़ी

क्या आज क्रिकेट पिच की लंबाई चौड़ाई जानना उपयोगी है?

हाँ, यह जानकारी खिलाड़ियों, अंपायरों, कोचों, मैदान-प्रबंधकों और क्रिकेट दर्शकों सभी के लिए उपयोगी है। २२ गज लंबाई, १० फीट चौड़ाई, ८ फीट ८ इंच गेंदबाजी क्रीज और ४ फीट आगे पॉपिंग क्रीज जानने से खेल के निर्णय और रणनीति दोनों बेहतर समझ आते हैं।

बल्लेबाज के लिए २०.१२ मीटर की दूरी रनिंग के दौरान गति, मोड़ और संचार का संदर्भ देती है। गेंदबाज के लिए गेंदबाजी क्रीज और रिटर्न क्रीज पैर की वैध स्थिति तय करती हैं। विकेटकीपर और अंपायर के लिए स्टंप की केंद्रीय स्थिति, बेल्स और पॉपिंग क्रीज रन-आउट, स्टंपिंग और नो-बॉल निर्णय में महत्वपूर्ण हैं। कोच प्रशिक्षण के दौरान २२ गज की दूरी पर लक्ष्य क्षेत्र बनाकर लेंथ नियंत्रण सिखा सकता है। गेंदबाजी विश्लेषण में भारत के जसप्रीत बुमराह, ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस और इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन जैसे गेंदबाजों की सफलता समझते समय “फुल”, “गुड लेंथ” और “शॉर्ट” क्षेत्र इसी पिच परिभाषा से जुड़े होते हैं।

आज से उपयोगी अभ्यास के लिए यह करें:

  1. २०.१२ मीटर की दूरी को फीट और मीटर दोनों में चिह्नित करें।
  2. ३.०५ मीटर चौड़ाई की सीमा बनाकर बीच की धुरी जांचें।
  3. ८ फीट ८ इंच की गेंदबाजी क्रीज और ४ फीट आगे पॉपिंग क्रीज लगाएं।
  4. दोनों छोर से स्टंप केंद्र और रिटर्न क्रीज फिर से मापें।
  5. प्रतियोगिता से पहले अंपायर और कप्तानों को लिखित माप दें।

अंतिम निष्कर्ष सीधा है: अंतरराष्ट्रीय और अधिकांश वयस्क क्रिकेट में पिच की लंबाई चौड़ाई बदलती नहीं, मैदान की सीमा बदलती है। इसलिए किसी स्टेडियम को बड़ा या छोटा देखकर पिच का माप अनुमानित करना बंद कीजिए। आधिकारिक स्रोत, सही रूपांतरण और क्रीज की स्थिति की जांच—ये तीन कदम किसी भी पाठक को भ्रम से बचाते हैं। नवीनतम मैच समीक्षा और गेंदबाजी रणनीति के लिए गेंदबाजी विश्लेषण पर संबंधित सामग्री देखना भी उपयोगी रहेगा।

तुरंत संदर्भ के लिए यह संसाधन खोलें।

विस्तृत जानकारी देखें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: क्रिकेट पिच की लंबाई कितनी होती है?

उत्तर: मानक क्रिकेट पिच की लंबाई २२ गज यानी ६६ फीट या २०.१२ मीटर होती है। यह दूरी दोनों विकेटों के केंद्रों के बीच मापी जाती है, बाहरी स्टंप से बाहरी स्टंप तक नहीं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के मानकों में पुरुष और महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए यही माप लागू है।

प्रश्न: क्रिकेट पिच की चौड़ाई कितनी होती है?

उत्तर: क्रिकेट पिच की मानक चौड़ाई १० फीट यानी ३.०५ मीटर होती है। चौड़ाई पिच की दोनों लंबी सीमाओं के बीच मापी जाती है और इसमें अलग से रन-अप या विकेट के पीछे का क्षेत्र शामिल नहीं होता। स्थानीय जूनियर या प्रशिक्षण प्रतियोगिता में अलग माप संभव है, इसलिए आयोजन पुस्तिका अवश्य जांचें।

प्रश्न: क्रिकेट पिच की क्रीज कैसे नापी जाती है?

उत्तर: पहले २२ गज की केंद्रीय दूरी तय करें, फिर दोनों सिरों पर ८ फीट ८ इंच की गेंदबाजी क्रीज बनाएं। पॉपिंग क्रीज गेंदबाजी क्रीज से ४ फीट आगे खींची जाती है, जबकि रिटर्न क्रीज उसके समानांतर रहती हैं। अंत में स्टंप केंद्र, रेखाओं की समांतरता और दोनों छोर की समानता अंपायर या मैदान-प्रबंधक से जांचवाएं।

प्रश्न: पुरुष और महिला क्रिकेट पिच में क्या अंतर होता है?

उत्तर: अंतरराष्ट्रीय पुरुष और महिला क्रिकेट में पिच की लंबाई २२ गज और चौड़ाई १० फीट ही रहती है। अंतर सामान्यतः मैदान की सीमा और कुल व्यास में होता है; महिला मैदान कई आयोजनों में लगभग ११० से १३० मीटर व्यास का हो सकता है, जबकि पुरुष मैदान लगभग १३७ से १५० मीटर तक हो सकता है। जूनियर क्रिकेट अलग नियम अपना सकता है।

प्रश्न: २२ गज को मीटर में कैसे बदलें?

उत्तर: २२ गज को मीटर में बदलने पर दूरी २०.१२ मीटर आती है। एक गज ०.९१४४ मीटर के बराबर होता है, इसलिए २२ को ०.९१४४ से गुणा करने पर २०.११६८ मीटर मिलता है, जिसे सामान्य उपयोग में २०.१२ मीटर लिखा जाता है। मैदान पर मापते समय २०.१२ मीटर की नापने की पट्टी या प्रमाणित उपकरण इस्तेमाल करें।

प्रश्न: पिच की लंबाई सही नापी जाए लेकिन सतह खराब हो तो क्या होगा?

उत्तर: सही लंबाई के बावजूद खराब सतह गेंद की उछाल, गति और स्पिन को असंगत बना सकती है। अत्यधिक नमी, असमान रोलिंग, दरारें या कृत्रिम मैटिंग बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों के लिए अलग जोखिम पैदा करती हैं। मैच से पहले सतह की कठोरता, घास, नमी और समतलता की जांच करना जरूरी है, क्योंकि केवल २२ गज नाप लेना पर्याप्त नहीं है।

प्रश्न: क्या गली क्रिकेट की पिच भी २२ गज होनी जरूरी है?

उत्तर: नहीं, गली या अनौपचारिक क्रिकेट में पिच की दूरी उपलब्ध जगह के अनुसार छोटी रखी जा सकती है। आधिकारिक वयस्क क्रिकेट में २२ गज और १० फीट मानक हैं, लेकिन आवासीय मैदान में १० से १८ मीटर की दूरी भी उपयोग हो सकती है। सभी खिलाड़ियों को पहले से दूरी, नो-बॉल सीमा और रनिंग नियम बताने पर विवाद कम होंगे।

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गेंदबाजी विश्लेषण · Curated Silence · 2026

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